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Lahsuniya stone, लहसुनिया रत्न के फायदे और पहचान तथा धारण विधि

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Lahsuniya Stone लहसुनिया रत्न के फायदे और पहचान तथा धारण विधि। जैसे सम्पूर्ण जानकारी दी गई है।

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Lahsuniya stone

लहसुनिया रत्न से सम्बन्धित सम्पूर्ण जानकारी दी गई है. कि लहसुनिया किस प्रकार के रत्न है तथा लहसुनिया को कैसे धारण करे. और इसके फायदे एव नुकशान जैसे सभी जानकारी दी गई है और सबसे जरूरी कार्य लहसुनिया रत्न को पहचान कैसे करे।

 
आपको बता दे कि यह रत्न केतु ग्रह का रत्न है और इसे अलग-अलग कई नामो से जाने जाते है जैसे : केतु रत्न , सूत्रमणि / जो की एक बिल्ली के आंख जैसा प्रतीत होता है।  Lahsuniya stone
 
जिसे धारण करने से केतु ग्रह के सभी बुरे प्रभावों को नस्ट कर सुख शांति में बृद्धि करता है इस पथर को धारण करने से आपके कार्य आये रुकावट जैसे संकटो को दूर करने में मदद करता है तथा आप के साथ किसी प्रकार के घटना दुर्घटना हो रही है। 
इस परस्थिति में आपको लहसुनिया धारण करने की सलाह दी जाती है लेकिन जिसके राशि में केतु ग्रह का प्रभाव हो उसी जातोको को धारण करनी चाहिए। 
lahsuniya benifite लहसुनिया के फायदे –  लहसुनिया धारण करने से अनेक प्रकार के फायदे होते है आपके कार्य में लगी रुकावट से मुक्ति दिलाने काफी मदद है। तथा आपके अच्छे सवभाव में वृद्धि  है. दुःख और दरिद्र दूर हो जाते है. और यदि आप बुरे स्वपन देखते है तो लहसुनिया धारण करने से बुरे स्वपन देकना बंद हो जाते है। 
 
काला जादू से सम्बंधित किसी भी प्रकार के समस्य हो तो इसे धारण करने से काला जादू का प्रभाव बेअसर हो जाता है.  हिर्दय तथा मस्तिष्क से सम्बंधित परशानिया दूर हो जाता है।    
      Also Read: Ruby stone in hindi माणिक रत्न धारण करने की विधि तथा पहचान कैसे करे 

लहसुनिया किसे और कब धारण करनी चाहिए। 

आपको बता दे कि जिस जातको के जन्म कुंडली में केतु ग्रह कि स्थिति केंद्र या त्रिकोण अथवा एक दो चार या  दस तक के भावो में  हो. और केतु का दशा या अंतर दशा चल रही हो तो इस प्रस्तिति में उन जातको को  Lahsuniya stone लहसुनिया रत्न धारण करनी चाहिए। जिसे पूण रूप से लाभ की प्राप्ति होती है।  
 
लहसुनिया को मंगलवार या बुधवार के दिन अस्वनी, मघा, मुरण  रगपुष में इस रत्न को धारण किया जाता  है. एव जांदी या पंचधातु में डालकर दाहिने हाथ के कनिष्ठ/कानि अंगुली में धारण किया जाता है।   
 लहसुनिया लगभग सावा 6 रत्ती का होना आवश्य्क है धारण करते समय केतु ग्रह के मंत्र: (ॐ केम केतुए नमः) का जाप अवश्य करे।

  यदि आपके जन्म कुंडली में केतु ग्रह के दोष हो या लहसुनिया को धारण करना कहते है तो इससे पहले किसी बड़े ज्योतिष से सलाह लेकर ही लेकर ही धारण करेने की सलाह दी जाती है

 

Lahsuniya stone लहसुनिया स्टोन कि पहचान 

यदि आपको लहसुनिया रत्न को धारण करना है तो इसे असली और नकली का पहचान करना आवश्य्क है क्योंकि इस समय कई प्रकार रत्न उपलब्द जो की पहचान काफी मुश्किल हो जाता है। लेकिन आपको बता दे की लहसुनिया गोलकार और हल्का लंबा होता है जो की एक बिल्ली के आंख जैसा प्रतीत होता है। 
 
या किसी ज्योतिष से सलाह लेते हुए लेब रिपोर्ट के साथ ख़रीदे ताकि आपको एक सही लहसुनिया प्राप्त हो।
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