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how to identify bhringraj plant. भृंगराज पौधे की पहचान कैसे करें

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How to identify bhringraj plant.भृंगराज पौधे के अद्भुत फायदे को जाने।

भृंगराज  (bhringraj)से संबंधित सभी जानकारियां दी गई है जैसे कि भृंगराज को पहचान कैसे करना तथा इसकी होने वाले फायदे के बारे में विस्तार से बताया गया है जो कि आप को ध्यान से पढ़ने की आवश्यकता है।

आपको बता दें कि भृंगराज को आयुर्वेदिक रसायन में उपयोग किया जाता है रसायन में एक दिव्य औषधि माना गया है जो कि विज्ञान अलग-अलग कार्यों में उपयोग करता रहा है आपको बता दें कि

यह  (bhringraj)औषधि हमारे देश के कई अलग-अलग राज्यों में पाई जाती है भारतीय किसान एवं ग्रामीणों ने औषधि को उगाने का कार्य करते हैं इस भृंगराज औषधि को उस क्षेत्र में उगाया जाता है जहां पानी की मात्रा अधिक हो

आपको पता है कि हमारे देश में प्रदूषण के कारण कई  (bhringraj)औषधियां आदि नष्ट होती जा रही हैं लेकिन यह एक ऐसा औषधि हैं जोकि कहीं पर जहां पानी की मात्रा अधिक हो वहां पर उगने में सक्षम है. इस औषधि को अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग नामों से जाना जाता है।  wiki..

भृंगराज, भेंगराज ,भगेरया , केसराज आदि नामो से जाना जाता है. जिसका उपयोग करने से अलग-अलग प्रकार के रोग परेशानियां आदि को नष्ट करने में सक्षम है जिसके कारण इस औषधि को रसायन विज्ञान ने अधिक से अधिक महत्व दिया है।

इस पौधा से अलग-अलग प्रकार के रोगो के लिए दवांए बनाये जाते है कि भविष्य में होने वाले रोगों से छुटकारा प्राप्त हो सके. इस पौधा की सबसे बड़ी खासियत है कि किसी भी जगह उगने में सक्षम है जगह चाहे पानी की जल जल हो या कचरा आदि स्थानों पर भी उगने में सक्षम है।

बिहार बंगाल आदि क्षेत्रों में इसका कृषि कार्य सबसे ज्यादा की जाती है. और इसी क्षेत्र में भृंगराज के सभी प्रजातियां पाई जाती हैं. इस पौधा के फूलों के आधार पर 3 प्रजातियां पाई जाती हैं सफेद , पीला और नीला जिसमे से सबसे जेयादा महत्व सफेद पुष्प वाले का है।

भृंगराज औषधि को पहचान करना जितना आसान है उतना ही मुश्किल लेकिन हम आपको आसान और सरल तरीका बताएंगे जिससे आप आसानी से और भृंगराज को पहचान कर सकते हैं।  

 

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How to identify bhringraj plant. भृंगराज पौधे की पहचान कैसे करें.

भृंगराज पौधे की पहचान पर किया जाने से पहले ऊपर दिए गए फोटो में ध्यान देने की आवश्यकता है यदि आप फोटो को ध्यान पूर्वक देखते हैं तो आपको किसी प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होगी देखते ही आसानी से पहचान कर सकते हैं।

फोटो मे दिखाए गए पौधा सफेद पुष्पा वाले भृंगराज का एक ताजा पौधा है. आपको पता है कि इस औषधि की 3 प्रजातियां पाई जाती हैं सफेद पीला और नीला पुष्प वाले है।

सफेद पुष्प वाले भृंगराज- इस पौधे का पुष्प सफेद होता है और इसमें लगने वाले फल सूर्यमुखी के फल की आकृति जैसी होती हैं जिस प्रकार सूर्यमुखी के फल और बीज होती है ठीक उसी प्रकार भृंगराज के फल और बीज होता है।

यदि आप इस प्रक्रिया की मदद से औषधि को नहीं पहचान पा रहे हैं तो आपको फोटो में दिए गए पौधे पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

और अब जानते है भृंगराज पौधे के उपयोग एव होने वाले फायदे के बारे में।

how to take bhringraj in hindi

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bhringraj ke fayde in hindi भृंगराज पौधे के उपयोग एव होने वाले फायदे।

इसका bhringraj uses उपयोग सबसे ज्यादा रसायन विज्ञान में की जाती है अलग-अलग प्रकार के रोगों के लिए दवाइयां तैयार किया जाता है ताकि रोगों को दूर किया जा सकें।
आपको बता दें जब किसान पानी में कृषि कार्य करते हैं तो उनके हाथ पैर गलने लगता है तो उस स्थिति में भृंगराज औषधि के रस निकालकर उस स्थान पर लगाने से ठीक हो जाता है। गला हुआ घाव , पस्व घाव अदि  उपयोग सकते है।  bhringraj in Hindi
और यदि मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति किसी प्रकार से चोट लग जाता है और उस स्थान पर लाल पीला, दर्द , जलन, सूजन अदि जैसे प्रस्तिति में इसका का पेस्ट बनाकर घव पर रखते हैं तो जल्दी ठीक हो जाता है।
इसके अलावा बालों के रोग के लिए  (bhringraj) एक दिव्य औषधि है इसका उपयोग करके बालों से संबंधित किसी भी प्रकार के रोगो को दूर किया जा सकता है
जो हमारे यहां दिव्य केश तेल बनाए जाते हैं उसमें भी भृंगराज सबसे ज्यादा मात्रा में पाए जाते हैं जो बालों के लिए बनाए जाते हैं जिससे बालों से संबंधित रोग दूर हो सके। (bhringraj oil)
notice: यदि आप किसी भयंकर बीमारी से ग्रसित है तो इस औसधि के उपयोग/सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह अवश्य ले लें।  अन्यथा आपके लिए हानिकारक हो सकता है।
यदि आंवला, रीठा, शिकाकाई, भृंगराज के चूर्ण बनाकर लोहे की कढ़ाई में गर्म करके और गर्म पानी में पेस्ट बनाकर बालो के जड़ो में लगते है तो बालो से संबंधित रोग दूर हो जाते है जैसे: बालो का गिरना, बाल कमजोर होना, बाल पकना अदि दूर हो जाते है।
 एक और सबसे बड़ा फायदा यदि आपके आँखों में सूजन या आंख से पानी आना ,जलन , धुंधला पन जैसे समस्य है तो भृंगराज औसधि के रश को निकल कर आंख में ढलने से ठीक हो जाता है।
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