Ruby stone in hindi माणिक रत्न धारण करने की विधि तथा पहचान कैसे करे

Ruby stone in hindi माणिक रत्न धारण करने की विधि तथा पहचान कैसे करे

Ruby stone, माणिक रत्न धारण करने की विधि तथा पहचान कैसे करे

Ruby stone, माणिक रत्न धारण करने की विधि तथा पहचान कैसे करे. और इसके कितने प्रकार के फायदे होते है 

यदि आप माणिक रत्न (Ruby stone in hindi ) धारण करना चाहते है और इसका सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त चाहते है तो यहाँ माणिक रत्न से सम्बन्धित सभी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है
            माणिक रत्न (Ruby Stone ) को कौन धारण कर सकता है तथा कब , क्यों और कैसे धारण करना चाहिए  Ruby Stone Benefits in hindi और क्या फायदे होते है स्मपुर्ण जानकारी दी गई है।

Ruby stone benefits. माणिक पत्थर धारण करने से क्या फायदे होते हैं.
आपको बता दें कि माणिक रत्न सूर्य का रतन है जिसे पहनने से आपको काफी लाभ प्राप्त होता है। क्योंकि सूर्य पिता का कारक है. और इस पत्थर को किसी प्रकार की उच्च पद प्राप्त करने हेतु धारण किया जाता है।
 
 रत्न धारण करने से आपको कई प्रकार के कठिनाइयों से मुक्ति प्राप्त हो सकती है। और आपको एक उच्च पद प्राप्त होता है और यदि राजनीति पॉलिटिक्स से संबंधित कोई कार्य करते हैं. तो उसमें भी आपको सफलता प्राप्त होती हैं।
 
और यदि आप किसी प्रकार की जॉब करते हैं जैसे इंडियन पुलिस Army, pilot तथा अन्य कोई भी जब हो उसमें ऊंच पद प्राप्त होता है और धन की वृद्धि होती है तथा किसी प्रकार की बिजनेस या व्यापार करते हैं उसमें भी आप को काफी लाभ देखने को मिलता है।
 
और आपको बता दें कि इसमें शारीरिक समस्या भी दूर होती है जैसे अंधापन आलस और शरीर की कमजोरी जैसे कई समस्याओं से मुक्ति मिलती है और यदि आग से भय लगता हो तो वह भी दूर हो जाता है।
 
            जैसे कि आपको बताया गया है कि इस रत्न को धारण करने से आपको विभिन्न प्रकार के फायदे होते हैं।  इस रत्न को धारण करने से आपके अंदर एक नई शक्ति जागृत होती हैं. आपके मन में इच्छा शक्ति तथा एकाग्रता में वृद्धि होती हैं तथा निर्णय शक्ति भी निर्मित होती है जिससे आपका भविष्य काफी उत्तम हो जाता है।
 
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माणिक रत्न किन लोगों को धारण करना चाहिए। Ruby Stone hindi

आपको बता दें कि जिन लोगों की, कुंडली में सूर्य योगकारक एवं काफी कमजोर अवस्था मैं होता है. तो इन्हें strong मजबूत और सुधार तथा बल प्राप्त करने हेतु माणिक रत्न को पहना जाता है। 
मेष सिंह कारक धन जैसे लग्न वाले व्यक्ति धारण कर सकता है तथा कुछ परिस्थितियों में मीन राशि भी धारण कर सकता है . 
 
                और यदि आपकी कुंडली में सूर्य ग्रह नीच अवस्था में या मारक अवस्था में है तथा तीसरे के उपर भाव में बैठे हैं या इनकी स्वामी है तो इस परिस्थिति में माणिक पत्थर को धारण नहीं किया जाता है अन्यथा इसका बुरा प्रभाव पड़ता है।

How to wear ruby stone. माणिक रत्न कैसे धारण करें। Ruby Stone in hindi

Ruby Stone माणिक पत्थर धारण करने की विधि, Ruby stone ring आपको बता दें कि माणिक रत्न को धारण करने के लिए आपको सोने या तांबे के अंगूठी में जुड़वा ले उसके बाद दूध गंगाजल शक्कर घी और शहद एक मिश्रण बनाएं.
और उस मिश्रण में अंगूठी को आधे घंटे के लिए यानी 30 मिनट के लिए छोड़ दे। 
  उसके बाद अंगूठी को बाहर निकाल गंगाजल से स्नान कराएं और पांच अगरबत्ती जलाएं और अगरबत्ती के ऊपर से घुमाते हुए.

सूर्य देव को नमस्कार करें और अंगूठी को सूर्य देव या विष्णु देव की चरण स्पर्श कराएं मूर्ति या तस्वीर के और 108 बार (ॐ घृणि: सूर्याय नमः) मंत्र का जाप करें स्त्री बाएं हाथ में और पुरुष दाहिने हाथ की अनामिका अंगुली में धारण करें और इस रत्न को शुक्ल पक्ष की रविवार के दिन सुबह सूर्य उदय होने के कुछ समय बाद धारण करें।
 
 आपको सलाह दी जाती है. कि इस पत्थर को धारण करने से पहले किसी बड़े जोरीश महराज से सलाह लेकर ही धारण करे। अन्यथा बुरा प्रभाव पड़ सकता है.

Ruby stone की पाचन कैसे करे। 

सबसे पहले आपको बता दे की माणिक रत्न लाल, नीला तथा हिरे के समान कटींग किया रहता है. तथा अलग अलग आकार में भी आता है. इसका पहचान करने के लिए आपको स्टोन को अपने हाथ में लेना है
उसके बाद टार्च लाइट को ऊपर की तरफ जलए और लाइट के ऊपर स्टोन लेजाए और धेयान की रूबी स्टोन के अंदर ढेर सरे लाइने आयतकार रूप में दिखाई देगा जो हमें बताता है की स्टोन असली है। 
 
आपको बता दे की इस माणिक रत्न को पहचान करना कठिन है आम आदमी को पहचान करना मुश्किल कार्य है।
इस लिए आपको एक सलाह दिया जाता है की जब कभी कोई पत्थर ख़रीदे तो लैब रिपोर्ट के साथ ख़रीदे ताकि आप एक ओरिजनल स्टोन प्राप्त कर सके। 
 


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