Moonga Stone, मूंगा रत्न धारण की बिधी एव पहचान तथा इसका फायदे को जाने

Moonga Stone, मूंगा रत्न धारण की बिधी एव पहचान तथा इसका फायदे को जाने

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 जानिए मूंगा रत्न धारण करने की विधि और इसका पहचान करने की विधि और इसके फायदे। 

   यदि आप (moonga stone) मूंगा रत्न को धारण करना चाहते है तो इस artical को ध्यान से पढ़ने की आवश्यकता है. क्योंकि इस आर्टिकल में मूंगा से सम्बंधित सम्पूर्ण जानकारी शामिल है। जैसे : मूंगा रत्न धारण करने की विधि, और इसका मूल पहचान करने की विधि, तथा फायदा। 


आपको बता दे की, शास्त्र के मुताबिक मूंगा रतन (Moonga stone ) मंगल-ग्रह पर आधारित है  और यदि किसी व्यक्ति के कुंडली में मंगल दोष हो या किसी प्रकार की समस्या तो ऐसे स्थिति में उस व्यक्ति को मूंगा stone को धारण करनी चाहिए। जिससे मंगल ग्रह के अशुभ प्रभाव शांत रहे और शुभ प्रभाव में वृद्धि हो सके। 

मूंगा रतन चार से पांच रंगो में उपलब्द है. काले, उजला, लाल, गेरुआ तथा  सिंदूरी है। और इसका उपयोग करने से मंगल का शुभ प्रभाव मजबूत होता है 

और इस स्टोन के उपयोग करने से विभिन्न प्रकार के रोगो से मुक्ति मिलती है। तथा शक्ति, ऊर्जा, बल, साहस के स्वामी मना गया है. तथा कार्य बिधि के अनुसार धारण करने से बिजनेस व्यपार, नौकरी, शिक्षा, रिस्ता, मन को संत करने, अदि शुभ लाभ प्रदान करने के लिए मह्त्वपूण कार्यकर्ता है.



moonga stone benefits. मूंगा स्टोन के फायदे 

आपको बता दे की, मूंगा रत्न से मिलने वाले कई प्रकार के लाभ है जैसे : शक्ति, ऊर्जा, बल, साहस,  बिजनेस व्यपार, नौकरी, शिक्षा, रिस्ता, मन को संतइत्यादि है. यदि इस moonga stone को सही तरिके से इस्तमाल किया जाए तो हमे अतिरिक्त लाभ भी मिल सकता है 



इस मूंगा रतन को कौन धारण कर सकता है। who can  hold this coral rattan 


यदि किसी श्री के जातको उसके कुंडली में यदि मंगल नीच राशि के हो या शत्रु राशि और मंगल पर शनी का छाया  हो तो ऐसे स्थिति में मूंगा रतन को धारण करना उचित नहीं होगा।                 

समान्यरूप से-  मेष, वृश्चिक राशि अदि  जिसका सोवमी खुद मंगल ग्रह हो तो ऐसे राशि वालो को किसी बिद्वान ज्योतिष सलाह लेते हुए मूंगा रतन अवश्य धारण करनी चाहिए। 



मूंगा रतन धारण करने की कार्यबिधि। how to wear moonga stone ring in hindi

         
सबसे पहले मूंगा स्टोन को किसी चांदी, सोना या ताम्बे के अंगूठी में बनवाये उसके बाद अंगूठी को गाय के कच्चे दूध में या शहद, शक़्कर या  सुध गंगा जल में डुबो कर मंगलवार के दिन सुबह में दाँये हाथ के अनमिकी  अंगुली में धारण करे। और धारण करते समय ॐ अं अंगारकाय नम: 11 बार मंत्र  का जप करे।

( स्त्री बाँये हाथ के अनमिकी अंगुली में मंत्र का जाप करते हुए धारण करे )




मूंगा के पहचान कैसे करे 


   1.  मूंगा स्टोन काफी चकनी होती है और इस स्टोन पर पानी नहीं रुकता है मूंगा रत्न पर एक से दो बून्द पानी  गिराए और जांच करे की पानी ठहरता है या नहीं। यदि मूंगा पर पानी नहीं रुकता तो ये असली मूंगा है  

   2. सबसे पहले किसी मैग्निफाइंग ग्लास से मूंगा रतन को देखा जाये तो उसके पहली और ऊपरी परत पर सेम बाल की तरह पतली रेखाएं जैसा नजर आएगा। अदि ऐसा दिखता है तो समझिए की असली मूंगा है। 

   2. आसान और घरेलू तरीका, सबसे पहले एक कांच के ग्लाश में हाफ गिलाश दूध रखे और उस दूध में मूंगा रतन को डाले, जब मूंगा दूध में प्रवेश करेगा तो दूध मूंगा के रंग में बदल जायेगा। और जब बाहर निकालेंगे तो दूध अपना रंग में बदल जाऐगा।  ऐसा होता है तो मूंगा सही है अन्यथा नकली  है। 


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